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Thursday, 2 August 2018

Rahul Sharma Success Story Co-Founder of Micromax In Hindi


Rahul Sharma Success Story : आज हम आपके सामने ला  रहे है Micromax CO-Founder Rahul Sharma inspirational success story – आज राहुल शर्मा एक बड़ा नाम है लेकिन हमेशा से ऐसे नहीं था | आज राहुल शर्मा एक Luxurious लाइफ जीते है Rolls-Royce के शौकीन है लकिन शुरुवात मे वो एक साधारण से परिवार के लड़के थे | राहुल एक school teacher के बेटे है और अपने शुरू के दिनों मे local transport use करने वाले रहे है | 
Rahul Sharma Success Story एक School Teacher के बेटे Rahul Sharma ने engineering एवं B.Com करने के बाद एक  Manufacturing company में नौकरी शुरू की। कुछ टाइम काम करने के बाद कंपनी छोड़ दी | Rahul Sharma को टेक्नोलॉजी मे जुड़ाव तब शुरू हुआ जब उनके father ने उनकों computer गिफ्ट किया | PC use करने के बाद उनका Technology से इतना जुड़ाव हुआ की वो एक नयी कंपनी तक जा पंहुचा | उन्होंने अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर year 2000 मे Micromax software launch की | Starting मे यह एक software company थी फिर बाद मे embedded प्लेटफॉर्म्स पर enterprise-resource ट्रेनिंग शुरू की जिसने कम्प्यूटर्स, सॉफ्टवेयर और बाद मे फिक्स्ड वायरलेस पीसीओ बेचे। संयोग से machine to machine बिजनेस में Nokia Micromax का partner बन गया।Micromax ने पहले Nokia के लिए एवं फिर Airtel के लिए Public phones (PCO’s) sell किये | 
Rahul Sharma Success Story

राहुल शर्मा जब PCO का business देख रहे थे तब उन्होंने कुछ ऐसा नोटिस किया जिसके बाद उनकी लाइफ बिलकुल चेंज हो गयी | सन 2007 मे उनका West Bengal के Behrampur village मे जाना हुआ तो उन्होंने देखा लोगो को ज्यादा समय power नहीं आने की वजह से truck की battery से PCOs को चलना पड़ रहा था | हर रात को PCO owner को 12 Kmदूर तक Battery को ले जाना पड़ता और फिर रात भर battery को charge करके वापस अपने village Behrampur आ कर PCO चलता | इसके साथ साथ उनका Interest और बड़ गया जब उन्होंने देखा की पुरे दिन भर PCO वाले के पास Phone करने वालो की लम्बी line होती थी और वो मन मर्ज़ी के पैसे चार्ज करता था | बाधा से उत्पन्न होने वाले नवाचार के इस असाधारण अनुभव के आधार पर, Micromax ने जल्द ही एक फोन बनाया जिसकी बैटरी पूरे महीने में बैक-अप थी। राहुल को इस पेशे के बारे में कंपनी में अपने साथियों को मनाने की ज़रूरत थी, क्योंकि वे बाजार में प्रचलित तीव्र प्रतिस्पर्धा के कारण उस व्यापार में प्रवेश करने में काफी संकोच कर रहे थे।

लेकिन जल्द ही, उन्होंने अवसर की परिमाण को महसूस किया और अपनी पहली 'सहनशक्ति बैटरी' फोन लॉन्च किया। उन्होंने बाजार में लगभग 10,000 Pcs का प्रारंभिक स्टॉक रखा। 10 दिनों के भीतर, हर एक फोन बेचा गया था और यह मुंह के प्रचार के माध्यम से और बिना किसी विज्ञापन के हुआ।

राहुल ने कहा कि उनकी कंपनी एक दर्शन में विश्वास करती है - यदि अंतिम उपयोगकर्ता को उत्पाद से एक रूप में लाभ मिलता है, तो उत्पाद निश्चित रूप से एक निश्चित होगा।
"हमें दूसरों द्वारा बनाए गए रोड मैप का पालन नहीं करना चाहिए। इसके बजाय, हमें अपनी जरूरतों और अपेक्षाओं के लिए तैयार किए गए नए और अधिक अभिनव मॉडल के साथ खुद को एक बनाना होगा। ", 

राहुल पर बल दिया।
इस केंद्र को अपने सभी प्रयासों में रखते हुए, Micromax ने इस तरह महत्वपूर्ण प्रगति की और फोन के पूरे मैदान को लॉन्च करने के लिए आगे बढ़े, सभी आम भारतीय ग्राहकों की विभिन्न आवश्यकताओं के अनुरूप डिजाइन किए गए। असल में, यह दृष्टिकोण था जिसने उन्हें भारतीय बाजार में दोहरी सिम फोन पेश करने का नेतृत्व किया। वे ऐसा करने वाले पहले व्यक्ति थे और आज, यह वैश्विक खिलाड़ियों के साथ पूरी तरह से मैदान में कूदने के साथ एक पूरी नई श्रेणी में उभरा है।

आधे घंटे के भीतर, राहुल ने Micromax यात्रा और दर्शन के महत्वपूर्ण क्षणों को पकड़ने में कामयाब रहे जिससे उन्हें सफल होने में मदद मिली। लेकिन जब घटना के अंत में दर्शकों ने जगह से बाहर निकलते हुए कहा, तो यह स्पष्ट था कि वह कई उद्यमियों के दिल को पकड़ने में भी कामयाब रहे जिन्होंने गोलमेज में भाग लिया था, जिससे उन्हें आग के भविष्य के ड्राइवर बनने के लिए आग लग गई थी। 

Uber CEO Travis Kalanick’s Success Story

Uber CEO Travis Kalanick’s Success Story उबर – 2009

 स्टार्टअप के मालिक – ट्राविस कालनिक और गैरेट कैंप : चाकू बेचते थे, बने सबसे बड़ी स्टार्टअप के मालिक

सैन फ्रांसिस्को – 2008 की सर्दियों के दिन थे। ट्राविस कालनिक और गैरेट कैंप एक कॉन्फ्रेंस में शामिल होने पेरिस गए थे। गैरेट अपने स्टार्ट अप स्टम्बल अपॉन और कालनिक अपने स्टार्टअप रेडस्वूशTravis Kalanick को बेच चुके थे। दोनों साथ बैठे थे, उधेड़बुन में थे अब आगे क्या करें। सुबह के पांच बज रहे थे। बात निकली कि कैब ढूढना और उसका इंतजार करना कितना मुश्किल काम है। गैरेट के दिमाग में सैन फ्रांसिस्को की डरावनी टैक्सी समस्या को लेकर विचार कोंधा। और एक मोबाइल एप बनाने की योजना की नींव पड़ी, जो आज उबर एप के नाम से जाना जाता है।
 
2009-2010 में शुरू हुई यही उबर इस माह सौ करोड़ डॉलर की नई फंडिंग जुटाकर 51 अरब डॉलर की स्टार्टअप बन गई है। यह दुनिया की सबसे मूल्यवान स्टार्टअप हो गई है। यह रफ्तार फेसबुक से भी तेज है। फेसबुक को 50 अरब डॉलर के आंकड़े तक पहुंचने में सात साल का समय लगा था, जबकि उबर पांच साल में ही इसे पार कर चुकी है। उबर में नई फडिंग माइक्रोसॉफ़्ट और एक भारतीय कंपनी की ओर से आई है। आज 58 देशों के 300 से ज्यादा शहरों में संचालित हो रही उबर नई फडिंग से भारत में आगामी नौ महीनों में 100 करोड़ डॉलर निवेश करेगी।
 Garrett_Camp_CoFounder Travis Kalanick
उबर से सीईओ ट्राविस कालनिक कैलिफोर्निया में पले–बढ़े। जब वे बच्चे थे तो जासूस बनना चाहते थे। टीनएजर ट्राविस अपनी मां के साथ साथ घर–घर जाकर चाकू बेचते थे। 18 की उम्र में उन्होनें ट्रेनिंग स्कूल खोलकर भी कुछ रूपए कमाने की कोशिश की। 1998 में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया से कम्प्युटर इंजीनियरिंग करने गए ट्रेविस ने पढ़ाई बीच में ही छोड़कर अपने दोस्तों के साथ स्काउर नाम से एक स्टार्टअप शुरू की।  

Livemint Zomato Deepieder Goyal Success Story in Hindi
दीपेंन्द्र गोयल Deepinder Goyal – Founder & CEO, Zomato 
Description: Deepinder Goyal
दीपेंन्द्र गोयल Zomato
ऑफिस कैफेटेरिया में मिला बिजनेस आइडिया – आईआईटी दिल्ली से एमटेक के बाद Deepinder Goyal ने कंसल्टिंग फर्म बेन एंड कंपनी में बतौर कंसल्टेंट नौकरी ली। नौकरी के दौरान उन्होंने देखा कि ऑफिस लंच के दौरान उनके सहकर्मी कैफेटेरिया में मेन्यू देखने के लिए लंबी कतार में अपनी बारी का इंतजार करते थे, जिससे उनका काफी वक्त बर्बाद होता था। इंजीनियर होने के नाते जीवन को आसान बनाने के लिए टेक्नोलॉजी के उपयोग की हिमायत करने वाले दीपेंन्द्र ने साथियों का समय बचाने के लिए मेन्यू स्कैन करके उन्हें ऑनलाइन उपलब्ध करवा दिया। देखते ही देखते इस पोस्ट को कई हिट्स मिलने लगे। यहीं से दीपेंन्द्र को बिजनेस आइडिया आया और उन्होंने एसी वेबसाइट मोबाइल एप बनाने का फैसला किया जहां लोंगों को अपने शहर के बेहतरीन रेस्टोरेंट्स से संबंधित जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके।
 नौकरी के साथ अपना बिजनेस – Deepinder Goyal के इस आइडिया को उनके सहकर्मी पंकज चड्ढा ने सराहा और उनका साथ देने का फैसला किया। 2008 में नौकरी के दौरान ही दीपेंन्द्र ने पंकज के साथ ऑनलाइन फूड पोर्टल फुडीबे डॉट कॉम की शुरुआत की। इस पोर्टल का उद्देश्य था यूजर्स के लिए लोकेशन, कीमत और लोकप्रियता के आधार पर रेस्टोरेंट्स की खोज को आसान बनाना। सालभर मे फुडीबे को यूजर्स से अच्छा फीडबैक मिलने लगा तो दीपेंन्द्र ने जॉब छोड़कर पूरा ध्यान बिजनेस पर देना तय किया। 2010 के आखिर में दीपेंन्द्र ने फुडीबे का नाम बदलने का फैसला लिया। इसकी तो वजह थी। पहली यह कि वे एक ऐसा नाम चाहते थे जो खाने की चीज से मिलता-जुलता, छोटा और याद रखने में आसान हो। दूसरी यह कि वे ईबे के साथ नाम में कोई असमंजस नहीं चाहते थे। जोमैटो इस कसौटी पर खरा उतरा और फुडीबे, जोमैटो में बदल गया।
चुनौतियां मिली तो खुशियां भी – ‘आंत्रप्रेन्योर के तौर पर आपको सख्त फैसले लेने होते है। पहला कड़ा फैसला था सुरक्षित जॉब छोडना,’ दीपेंन्द्र कहते हैं। पहले राउंड के फंडस जुटाना और उपयुक्त कर्मचारीयों की तलास आसान नहीं थी। हमने ईवेंट सेक्शन भी शुरू किया, जिसे कुछ ही वक्त बाद बंद करना पड़ा। सितम्बर, 2012 में पहला इंटरनेशनल ऑपरेशन लॉन्च करते वक्त हमारी मौजूदगी हिंदुस्तान के 12 शहरों में थी कभी सोचा नहीं था कि इतने कम वक्त में हम 19 देशों के 155 शहर में फैल जाएंगे।



क्यूँ 1% लोग ही सफ़ल होते हैं – Must Read Motivational Lines
By ashu255 | November 21, 2017
क्यूँ 1% लोग ही सफ़ल होते हैं – Must Read Motivational Lines
Must Read Motivational Lines
भीड़ हमेशा उस रास्ते पर चलती है जो रास्ता आसान लगता हो,  लेकिन इसका मतलब ये नहीं की भीड़ हमेशा सही रास्ते पर चलती है . लोग हमेशा वो रास्ता चुनते हैं जिसपे चलने पर मेहनत करनी पड़े,  जिस पर चलने पर मुश्किलें सहनी पड़ें,  जो रास्ता सेफ हो, जिस रास्ते पर हजारों लोग पहले से ही चल रहे हों और फिर एक दिन जब इनकी जिंदगी का सफ़र खत्म होता है तो ये लोग खुद को उस भीड़ में कहीं खोया हुआ पाते है. जब हम जिंदगी में कुछ करने लायक होते हैं तो अक्सर यहीं गलती कर बैठते हैं. हम देखते हैं की लोग क्या कर रहे है. लोग क्या सोच रहे हैं और फिर हम भी वहीँ सोचने लगते हैं और वहीँ करने लगते हैं,  जो बाकि लोग कर रहें हैं .
Description: Must Read Motivational Lines
Must Read Motivational Lines
बहुत सारे लोग सफ़लता के सपने देखते है, जबकि जिन्हें सफ़ल होना होता है, वो उठते हैं और भीड़ से अलग हट कर कुछ करते हैंभीड़ आपका साथ देती है, लेकिन आपकी पहचान छीन लेती है .
इस दुनिया में केवल 1% लोग ही कामयाब हैंकेवल 1% लोगों के पास ही दुनिया की 99% दौलत है. केवल यहीं 1% लोग भीड़ में रह कर भी भीड़ से अलग चलते हैं.
जानना चाहते हैं की ये 1% लोग ऐसा क्या करते हैं,जो इन्हें 99% लोगों से अलग बना देता है .
तो सुनिए
 ये 1% लोग कहते हैं की भीड़ में खड़ा होना मेरा मकसद नहीं है , बल्कि जिसके लिए भीड़ खड़ी हो वो बनना मेरा मकसद है .
 ये 1% लोग बहुत कम सपने देखते हैं लेकिन जो भी सपना देखते हैं उसे पूरा करने के लिए एक्शन लेते हैं, इनके पास कोई बहुत ज्यादा पैसा या प्लानिंग नहीं होती, लेकिन जो भी थोडा बहुत होता है ये उसी को लेकर काम करना शुरू कर देते हैं .
ये 1% लोग किसी का इन्तेजार नहीं करते, ये इस जमाने को ये अधिकार नहीं देते को वो इनके बारे में फैंसले ले सके, या ये जमाना इनके रास्ते तय कर सके .
      99% लोग दुनिया के डर से अपने फैंसले बदल देते हैं जबकि ये 1% लोग अपने फैंसले खुद लेते हैं और अपने फैंसलो से इस दुनिया को बदल देते हैं .
      ये लोग अपना हर काम ख़तम करते हैं क्यूंकि ये लोग काम करना शुरू करते है जबकि बाकि लोग काम तो बहुत सोचते हैं लेकिन कभी काम करना शुरू ही नहीं करते इसलिए उनके काम कभी खत्म ही नहीं होते .
      ये 1% लोग कहते हैं की एक मिनट में जिंदगी नहीं बदलती, लेकिन 1 मिनट में लिया गया डिसीजन आपकी जिंदगी बदल सकता है,  पर अफ़सोस बाकि लोग 1 मिनट में जिंदगी बदलने के लिए अपनी पूरी जिंदगी लगा देते हैं फिर भी उनकी जिंदगी में वो 1 मिनट नही आता .
      जिंदगी सिर्फ गुजारने के लिए नहीं मिली, ये जीने के लिए मिली है. इसे जियो, इसे महसूस करो, अपनी खुद की पहचान बनाओ. जो काम आज कर सकते हो उसे कल पर छोड़ो. कौन जाने वो कल कब आएगा और अगर आएगा भी तो उस समय जाने आप उस काम को करने लायक रहेंगे भी या नहीं . जीवन में दो ही तरह के लोग असफल होते हैं .
      एक वो जो सोचते हैं पर करते नहीं और दुसरे वो जो करते हैं लेकिन सोचते नहींइसलिए उतना ही सोचो जितना कर सको, और उतना ही करोजितना सोचा हो .
उम्मीद है अब आपको पता चल गया होगा की जिंदगी में सफ़ल कैसे होना है, कैसे 1% लोगों में शामिल होना है