Uber CEO Travis Kalanick’s Success Story उबर – 2009
स्टार्टअप के मालिक – ट्राविस कालनिक और गैरेट कैंप : चाकू बेचते थे, बने सबसे बड़ी स्टार्टअप के मालिक
सैन फ्रांसिस्को – 2008 की सर्दियों के दिन थे। ट्राविस कालनिक और गैरेट कैंप एक कॉन्फ्रेंस में शामिल होने पेरिस गए थे। गैरेट अपने स्टार्ट अप स्टम्बल अपॉन और कालनिक अपने स्टार्टअप रेडस्वूश
को बेच चुके थे। दोनों साथ बैठे थे, उधेड़बुन में थे अब आगे क्या करें। सुबह के पांच बज रहे थे। बात निकली कि कैब ढूढना और उसका इंतजार करना कितना मुश्किल काम है। गैरेट के दिमाग में सैन फ्रांसिस्को की डरावनी टैक्सी समस्या को लेकर विचार कोंधा। और एक मोबाइल एप बनाने की योजना की नींव पड़ी, जो आज उबर एप के नाम से जाना जाता है।
2009-2010 में शुरू हुई यही उबर इस माह सौ करोड़ डॉलर की नई फंडिंग जुटाकर 51 अरब डॉलर की स्टार्टअप बन गई है। यह दुनिया की सबसे मूल्यवान स्टार्टअप हो गई है। यह रफ्तार फेसबुक से भी तेज है। फेसबुक को 50 अरब डॉलर के आंकड़े तक पहुंचने में सात साल का समय लगा था, जबकि उबर पांच साल में ही इसे पार कर चुकी है। उबर में नई फडिंग माइक्रोसॉफ़्ट और एक भारतीय कंपनी की ओर से आई है। आज 58 देशों के 300 से ज्यादा शहरों में संचालित हो रही उबर नई फडिंग से भारत में आगामी नौ महीनों में 100 करोड़ डॉलर निवेश करेगी।
उबर से सीईओ ट्राविस कालनिक कैलिफोर्निया में पले–बढ़े। जब वे बच्चे थे तो जासूस बनना चाहते थे। टीनएजर ट्राविस अपनी मां के साथ साथ घर–घर जाकर चाकू बेचते थे। 18 की उम्र में उन्होनें ट्रेनिंग स्कूल खोलकर भी कुछ रूपए कमाने की कोशिश की। 1998 में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया से कम्प्युटर इंजीनियरिंग करने गए ट्रेविस ने पढ़ाई बीच में ही छोड़कर अपने दोस्तों के साथ स्काउर नाम से एक स्टार्टअप शुरू की।
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